सर्दियों का मौसम दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर दिखने लगा है। बढ़ती ठंड को देखते हुए स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हाल ही में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि स्कूलों में 23 दिसंबर से 35 दिनों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। इस खबर ने लाखों विद्यार्थियों के बीच उत्साह और असमंजस दोनों ही पैदा कर दिए हैं।
आज के इस विस्तृत लेख में हम आपको School Winter Holiday News 2025 की पूरी सच्चाई बताएंगे। हम यह भी जानेंगे कि अलग-अलग राज्यों के शिक्षा विभागों ने छुट्टियों को लेकर क्या आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं और असल में स्कूल कितने दिनों तक बंद रहेंगे।
शीतकालीन अवकाश घोषित: School Winter Holiday News 2025 और छुट्टियों का आधिकारिक विवरण
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में दिसंबर के आखिरी सप्ताह में तापमान काफी गिर जाता है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर साल Winter Break की घोषणा की जाती है। इस वर्ष भी विभिन्न राज्य सरकारों ने अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार छुट्टियों की रूपरेखा तैयार कर ली है।
नीचे दी गई तालिका में आप इस वर्ष के संभावित और घोषित अवकाश का संक्षिप्त विवरण देख सकते हैं:
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
| विषय का नाम | शीतकालीन अवकाश (School Winter Vacation 2025-26) |
| प्रस्तावित तिथि | 20 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 के बीच |
| छुट्टियों की कुल अवधि | 10 दिन से 15 दिन (मैदानी राज्य) |
| विशेष लंबी छुट्टियां | 35 से 60 दिन (केवल पहाड़ी क्षेत्रों के लिए) |
| प्रभावित कक्षाएं | नर्सरी से कक्षा 12वीं तक |
| आदेश जारीकर्ता | माध्यमिक एवं बुनियादी शिक्षा विभाग |
| मुख्य कारण | शीतलहर, घना कोहरा और गिरता पारा |
| आधिकारिक वेबसाइट | संबंधित राज्य के शिक्षा विभाग की वेबसाइट |
उत्तर प्रदेश में स्कूल शीतकालीन अवकाश (UP School Winter Holiday 2025)
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने अपने वार्षिक कैलेंडर में शीतकालीन अवकाश के लिए पहले से ही समय तय कर रखा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के सरकारी और निजी स्कूलों में 20 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक छुट्टियां होने की प्रबल संभावना है।
राज्य के कई जिलों जैसे बरेली और लखनऊ में कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) ने अभी से छोटे बच्चों की टाइमिंग में बदलाव के निर्देश दे दिए हैं। कुछ जिलों में कोहरे के कारण स्थानीय स्तर पर School Closed के आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।
यदि ठंड का प्रकोप जनवरी के पहले सप्ताह में भी जारी रहता है, तो प्रशासन इन छुट्टियों को 15 जनवरी तक बढ़ा सकता है। हालांकि, वर्तमान में आधिकारिक कैलेंडर 12 दिनों के अवकाश की ओर संकेत करता है।
दिल्ली और एनसीआर में विंटर वेकेशन (Delhi School Winter Break 2025)
दिल्ली में हर साल प्रदूषण (Air Pollution) और ठंड के कारण स्कूलों की छुट्टियों का शेड्यूल बदलता रहता है। इस बार दिल्ली के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने संकेत दिए हैं कि 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक Winter Vacation रहेगा।
दिसंबर के महीने में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण प्राथमिक कक्षाओं को पहले ही ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट किया जा चुका है। 25 दिसंबर को क्रिसमस के अवसर पर सभी स्कूल बंद रहेंगे, जिसके बाद मुख्य छुट्टियों का दौर शुरू होगा।
अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली सरकार के आधिकारिक सर्कुलर का इंतजार करें क्योंकि कोहरे की स्थिति को देखते हुए छुट्टियों की तारीखों में फेरबदल संभव है।
राजस्थान और हरियाणा में छुट्टियों का हाल (Rajasthan & Haryana School News)
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के स्कूलों में 25 दिसंबर से 5 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। यहां कुल 12 दिनों की छुट्टियों का प्रावधान किया गया है।
हरियाणा सरकार भी आमतौर पर 1 जनवरी से 15 जनवरी तक स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लेती है। हालांकि, बढ़ती शीतलहर के कारण राज्य के कई हिस्सों में दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही छुट्टियां शुरू हो सकती हैं।
इन राज्यों में यदि तापमान शून्य के करीब पहुंचता है, तो शिक्षा विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर School Holidays की अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय ले सकता है।
जम्मू-कश्मीर और पहाड़ी राज्यों में 35 दिनों से अधिक का अवकाश
जो खबरें 23 दिसंबर से 35 दिनों की छुट्टी के बारे में वायरल हो रही हैं, वे मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों से संबंधित हो सकती हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक बर्फबारी के कारण स्कूल दिसंबर से लेकर फरवरी के अंत तक बंद रहते हैं।
कश्मीर घाटी के स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए करीब 3 महीने का Winter Break घोषित किया गया है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भी 30 से 40 दिनों की छुट्टियां होना सामान्य बात है।
मैदानी राज्यों के छात्रों को यह समझना चाहिए कि उनके यहां इतनी लंबी छुट्टियां केवल विशेष परिस्थितियों या अत्यधिक आपदा की स्थिति में ही दी जाती हैं।
स्कूल बंद रहने के मुख्य कारण और सुरक्षा उपाय
सर्दियों में स्कूलों को बंद रखने का प्राथमिक कारण बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों जैसे निमोनिया और सर्दी-जुकाम से बचाना है। सुबह के समय पड़ने वाला घना कोहरा (Dense Fog) सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को भी बढ़ा देता है।
शिक्षा विभाग अक्सर यह सुनिश्चित करता है कि छुट्टियों के दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसलिए कई स्कूल Winter Homework और ऑनलाइन असाइनमेंट प्रदान करते हैं। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए कुछ विशेष ऑनलाइन कक्षाएं भी आयोजित की जा सकती हैं।
अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और सुबह के समय बाहर निकलने से बचाएं। स्कूलों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।
छुट्टियों के दौरान छात्रों के लिए जरूरी टिप्स
लंबे अवकाश के दौरान विद्यार्थी अक्सर अपनी पढ़ाई का लय खो देते हैं। ऐसे में बच्चों को चाहिए कि वे अपने शीतकालीन गृहकार्य को समय पर पूरा करें और कुछ समय पढ़ाई के लिए जरूर निकालें।
साथ ही, यह समय नई स्किल्स सीखने या अपनी हॉबी पर काम करने के लिए भी बेहतरीन होता है। छात्र योग, पेंटिंग या किसी नई भाषा को सीखने में अपना समय लगा सकते हैं जिससे उनका मानसिक विकास भी होगा।
ठंड के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को गुनगुना पानी और पौष्टिक आहार देना चाहिए ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत बनी रहे।














