पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी गिरावट आ गई है। आज से देशभर में नई कीमतें लागू हो गई हैं। इससे आम लोगों की जेब पर बोझ कम होगा सरकार और तेल कंपनियों ने मिलकर यह फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटी हैं। रुपये की मजबूती ने भी मदद की है।
Petrol – Diesel Prices Drop
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 104.21 | 92.15 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.85 | 92.76 |
| बैंगलोर | 102.92 | 90.03 |
| पटना | 105.23 | 91.49 |
| जयपुर | 104.72 | 90.21 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
मुख्य शब्दों का मतलब
पेट्रोल पंप पर OMCs का मतलब तेल मार्केटिंग कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से है। ये कंपनियां कीमतें रोज तय करती हैं। इंट्रा-स्टेट फ्रेट रेशनलाइजेशन का अर्थ है राज्य के अंदर माल ढोने का खर्च बराबर करना। इससे दूर के इलाकों में दाम कम हो जाते हैं। एक्साइज ड्यूटी सरकार का ईंधन पर लिया जाने वाला कर है।
गिरावट के कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर हैं। इससे OMCs को फायदा हुआ है। रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले मजबूत बनी हुई है। OPEC देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाया है। अमेरिका में शेल ऑयल का उत्पादन भी ज्यादा हो गया। इन सबसे भारत को सस्ता तेल मिल रहा है।
पिछले कुछ महीनों से कीमतें स्थिर थीं। अब अचानक बड़ी कटौती हुई है। पेट्रोल में औसतन 2 रुपये और डीजल में 4-5 रुपये तक कम हुए हैं। कुछ शहरों में 7 रुपये तक की गिरावट आई है। यह बदलाव रोज सुबह 6 बजे अपडेट होता है।
कौन सी योजना है यह
यह इंट्रा-स्टेट फ्रेट रेशनलाइजेशन योजना है। OMCs ने इसे लागू किया है। सरकार ने पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन बढ़ाया है। इससे दूर के गांवों में पेट्रोल-डीजल सस्ता पहुंचेगा। पहले परिवहन खर्च ज्यादा होने से दाम ऊंचे रहते थे। अब यह खर्च कम हो गया है।
योजना के तहत राज्य के अंदर डिपो से पंप तक का फ्रेट बराबर किया गया। ओडिशा के मलकानगिरी जैसे इलाकों में 4-5 रुपये की कटौती हुई। छत्तीसगढ़ के सुकमा में भी 2 रुपये कम हुए। यह 83,000 पेट्रोल पंपों पर असर डालेगी। 10 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
सरकार ने पहले भी एक्साइज ड्यूटी कम की थी। 2022 में पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये घटाए थे। अब OMCs खुद कीमतें कम कर रही हैं। यह बाजार आधारित फैसला है। कोई नई सब्सिडी योजना नहीं चल रही।
सरकार और OMCs की भूमिका
सरकार ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने डीलर संघों से बात की। 7 साल पुरानी मांग पूरी की गई। OMCs ने खुद फ्रेट रेशनलाइजेशन का फैसला लिया। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
तेल कंपनियां रोज अंतरराष्ट्रीय भाव देखती हैं। कच्चे तेल का 85% भारत आयात करता है। सरकार ने इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाई है। इससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम हो रही। यह लंबे समय में दाम स्थिर रखेगा।
राज्य सरकारें VAT तय करती हैं। केंद्र ने एक्साइज कम किया तो राज्य भी राहत देते हैं। कुल मिलाकर आम आदमी को फायदा हो रहा।
लागू करने का तरीका
नई कीमतें आज सुबह 6 बजे से हर पंप पर लागू हैं। SMS भेजकर चेक करें। इंडियन ऑयल के लिए RSP से शुरू करके शहर कोड डालें। BPCL के लिए 9224992249 पर SMS करें। HPCL के लिए 9222206273 इस्तेमाल करें।
पेट्रोल पंप पर बोर्ड देखें। ऐप्स जैसे MyPetrolPump से भी पता चलेगा। ग्रामीण इलाकों में पहले ज्यादा फर्क था। अब अधिकतम 2 रुपये का अंतर रहेगा। चेक करते रहें क्योंकि रोज बदल सकती हैं।
दूर के इलाकों में ट्रक-ट्रैक्टर वाले सबसे ज्यादा खुश हैं। माल ढुलाई सस्ती होगी। दुकानदारों को भी फायदा।
अन्य प्रभाव
परिवहन खर्च 5-10% कम हो सकता है। बस-ट्रेन टिकट सस्ते होंगे। खाने-पीने की चीजें महंगी होने का दबाव कम। मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहेगी। किसानों को ट्रैक्टर चलाने में आसानी।व्यापार बढ़ेगा। ऑटो-कार मालिक बचत करेंगे। लॉजिस्टिक्स कंपनियां खुश। कुल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी यह राहत लंबे समय तक रहेगी अगर तेल भाव स्थिर रहे। सरकार निगरानी रखेगी।














